‘किंग्सवे से कर्तव्य पथ’, जानें औपनिवेशिक अतीत से आजादी के लिए पीएम मोदी का संघर्ष

हाइलाइट्स

पीएम नरेंद्र मोदी की विशेष पहल से राजपथ और सेंट्रल विस्टा लॉन का नाम बदलकर कर्तव्य पथ रखा गया
पीएम मोदी ने लाल किले से कहा है कि लोगों को औपनिवेशिक गुलामी की मानसिकता से बाहर निकलना होगा
प्रधानमंत्री आवास से संबंधित रेसकोर्स का नाम पहले ही बदलकर लोक कल्याण मार्ग रखा गया है

नई दिल्ली. सोमवार को नरेंद्र मोदी की सरकार ने राजपथ और सेंट्रल विस्टा लॉन का नाम बदलकर कर्तव्य पथ करने की घोषणा की. इससे देश को अपने औपनिवेशिक अतीत से मुक्त कराने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विशेष अभियानों को एक और बल मिला है. राजपथ अंग्रेजों द्वारा दिए गए नाम ‘किंग्सवे’ का हिंदी अनुवाद था. मोदी सरकार ने राष्ट्रीय राजधानी और उसके बाहर औपनिवेशिक अतीत की स्मृतियों को लोगों के दिमाग से निकालने के लिए कई कदम उठाए हैं. सबसे पहले प्रधानमंत्री के आधिकारिक आवास रेस कोर्स रोड का नाम बदलकर लोक कल्याण मार्ग कर दिया गया था. इसके बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इंडिया गेट पर नेताजी सुभाष चंद्र बोस की होलोग्राम प्रतिमा का अनावरण किया था. नेताजी सुभाष चंद्र बोस की प्रतिमा उसी जगह लगेगी जहां पहले किंग जॉर्ज पंचम की प्रतिमा 1968 तक गिराए जाने से पहले खड़ी थी.

पिछले सप्ताह आईएनएस विक्रांत के जलावतरण के मौके पर प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा नौसेना के नए ध्वज का अनावरण किया गया. उसमें से सेंट जॉर्ज क्रॉस को भी हटा दिया गया था. औपनिवेशिक प्रतीकों को हटाने का सिलसिला प्रधानमंत्री के लाल किले से दिए उस भाषण के बाद काफी तेज हो गया है जिसमें उन्होंने औपनिवेशिक गुलामी की मानसिकता को खत्म करने पर जोर दिया था. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लाल किले से कहा था कि हमें औपनिवेशिक युग की मानसिकता को छोड़ना होगा. इसके बजाय, हमें अपनी क्षमताओं पर भरोसा करना चाहिए.

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इसी पहल के तहत नेताजी सुभाष चंद्र बोस की प्रतिमा से लेकर राष्ट्रपति भवन तक का पूरा रोड अब कर्तव्य पथ कहलाएगा. एक सरकारी सूत्र ने बताया कि यह शासक वर्ग के लिए एक संदेश भी है कि अब उनके राज करने का समय चला गया. सबसे पहले अंग्रेजों ने इस रोड का नाम जॉर्ज पंचम के सम्मान में किंग्सवे रखा था.

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FIRST PUBLISHED : September 06, 2022, 09:00 IST

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